राजस्थान का उत्पत्ति और ‌‌निर्माण

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राजस्थान  की  उत्पत्ति


महाद्वीपीय  सिद्धांत (Continental  Theory)

अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में महाद्वीपीय  सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने बताया कि पृथ्वी की भूमि एक समय में एक विशाल महाद्वीप "पैंजिया" के रूप में थी। समय के साथ, भूगर्भीय हलचलों के कारण यह महाद्वीप टूटकर अलग-अलग महाद्वीपों में बंट गया।


पैंजिया का विभाजन:

प्रारंभिक स्थिति: पैंजिया, एक विशाल महाद्वीप, लगभग 200 मिलियन वर्ष पहले पृथ्वी पर मौजूद था। इसे चारों ओर से विशाल महासागर "पैंथालासा" ने घेरा हुआ था।
  1. विभाजन: भूगर्भीय गतिविधियों और टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण पैंजिया दो भागों में विभाजित हो गया:

    • लॉरेशिया (उत्तरी भाग): इसमें उत्तरी अमेरिका, यूरोप, और एशिया के कुछ हिस्से शामिल थे।
    • गोंडवानालैंड (दक्षिणी भाग): इसमें दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, और भारतीय उपमहाद्वीप शामिल थे।
  2. आगे का विभाजन: समय के साथ, ये भाग और छोटे महाद्वीपों में बंटते गए, जो आज के पृथ्वी के महाद्वीपों के रूप में 

  3. मौजूद हैं।

  4. महासागर और पर्वत निर्माण: इस प्रक्रिया के दौरान नए महासागर बने, जैसे कि अटलांटिक महासागर, और पर्वत श्रृंखलाएं भी विकसित हुईं।

  5. वर्तमान महाद्वीप:

    • उत्तरी अमेरिका
    • दक्षिण अमेरिका
    • यूरोप
    • अफ्रीका
    • एशिया
    • ऑस्ट्रेलिया
    • अंटार्कटिका

पैथालासा (Panthalassa)

  • अल्फ्रेड वेगनर द्वारा पैंजिया के चारों ओर स्थित संपूर्ण जल राशि को पैथालासा कहा गया
  • वर्तमान समय में, पैथालासा का अधिकांश हिस्सा आधुनिक महासागरों में बदल चुका है, वर्तमान में पृथ्वी पर महासागरों की संख्या: -5
    1. प्रशांत महासागर (Pacific Ocean)
    2. अंटार्टिका (अंध महासागर)
    3.  हिंद महासागर 
    4. अंटार्कटिक महासागर (Southern Ocean)
    5. आर्कटिक महासागर (उत्तरी ध्रुव महा०)

टेथिस सागर (Tethys Sea)

  • टेथिस सागर पैंजिया के विभाजन के बाद, विशेष रूप से गोंडवानालैंड और लाॉरेशिया के बीच स्थित एक प्राचीन समुद्र था।
  • टेथिस सागर के जल भरने और इसके बाद के भूगर्भीय परिवर्तनों के कारण वर्तमान में हिमालय पर्वतमाला का 
  • निर्माण हुआ।
  • हिमालय पर्वत श्रृंखला की उत्पत्ति टेथिस सागर के अस्तित्व और इसके घटने से जुड़ी हुई है, जिससे यह पर्वत क्षेत्र प्राचीन समुद्री तल पर बना।
  • महाद्वीपीय विभाजन और निर्माण:

    1. गोंडवानालैंड (Gondwana Land):

      • गोंडवानालैंड दक्षिणी महाद्वीपों का समूह था, जिसमें वर्तमान दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया और भारतीय उपमहाद्वीप शामिल थे।
      • गोंडवानालैंड के टूटने के बाद, ये महाद्वीप अलग-अलग स्थानों पर चले गए।
    2. टेथिस सागर:

      • यह सागर गोंडवानालैंड और लॉरेशिया के बीच स्थित था और इसके घटने से नई पर्वत श्रृंखलाएं और महासागर बने।
    3. हिमालय पर्वतमाला:

      • हिमालय पर्वत की उत्पत्ति टेथिस सागर के बंद होने के बाद हुई। जब भारतीय प्लेट एशियाई प्लेट से टकराई, तो हिमालय पर्वतमाला का निर्माण हुआ।

    वर्तमान भूगर्भीय स्थिति:

    • आधुनिक महाद्वीप और महासागर इस भूगर्भीय प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बने हैं। महाद्वीपों की वर्तमान स्थिति और महासागरीय वितरण ने पृथ्वी की भूगर्भीय और जलवायु विशेषताओं को आकार दिया है।

    Note:- मरावली एवं हाड़ौती का पठार भारत के प्रायद्वीप पठार का हिस्सा/ भाग है। 

    > मरुस्थल एवं पूर्वी मैदान भारत के उत्तर विशाल मैदान का भाग है।

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