✧राजस्थान में क्रांति का आरम्भ 28 मई, 1857 को नसीराबाद छावनी में सैनिकों के विद्रोह से हुआ।
राजस्थान में क्रांति के कारण :-
✧पॉलिटिकल एजेन्टों द्वारा राज्य प्रशासन व आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप करना।
✧अंग्रेजी सरकार की आर्थिक नीतियाँ।
✧ब्रिटिश सत्ता के सामाजिक सुधारों ने जनता को सरकार के प्रति शंकालु बना दिया।
✧ईसाई मिशनरियों के कार्य को जनता ने अपने धर्म के लिए खतरा माना।
✧साहित्य ने भी जनता में अंग्रेज विरोधी वातावरण बनाने में अहम् भूमिका निभाई।
✧तात्कालिक कारणों में नई एनफील्ड राइफल्स व आटे में हड्डियों का चूरा मिलाना प्रमुख थे।
क्रांति के समय राजपूताना :-
✧ए.जी.जी. - जॉर्ज पैट्रिक लॉरेन्स
✧ए.जी.जी. का कार्यालय सर्दियों में अजमेर व गर्मियों में माउण्ट आबू था।
✧अंग्रेजों का शस्त्रागार - अजमेर
✧क्रांती के समय ब्रिटिश महारानी वीक्टोरिया
✧प्रधानमंत्री- पॉमस्टर्न
✧* भारत का 'गवर्नर जनरल' लॉर्ड कैनिग
✧राज. का A.G. G → पैट्रिक लॉरंन्स
✧* भारत का मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर
✧ बादशाह बहादुरशाह →का सेनापती बरख्त खाँ
✧सहायक सन्धि जनकः लॉर्ड वेलेजली
विभिन्न राज्यों में नियुक्त पॉलिटिकल एजेन्ट:-
| रियासत | पोलिटिकल एजेंट |
|---|---|
| कोटा | मेजर बर्टन |
| जोधपुर | मैक मॉसन |
| जयपुर | ईडन |
| भरतपुर | मोरीसन |
| उदयपुर | शाॅवर्स |
| सिरोही | जे.डी.हाॅल |
राजस्थान में 6 अंग्रेज छावनियाँ थी -
| क्र. सं | छावनी | रेजीमेंट |
|---|---|---|
| 1. | खैरवाड़ा | मेवाड़ भील कोर |
| 2. | नीमच | कोटा बटालियन |
| 3. | एरिनपुरा | जोधपुर लीजियन |
| 4. | ब्यावर | मेरवाड़ा बटालियन |
| 5. | नसीराबाद | 15वीं और 30वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री |
| 6. | देवली | कोटा कन्टिन्जेंट |
✧सभी छावनियों में लगभग 5000 सैनिक थे लेकिन कोई अंग्रेज सैनिक नहीं था।
✧केवल 30 अंग्रेज अधिकारी थे।
✧खैरवाड़ा व ब्यावर छावनियों ने विद्रोह में भाग नहीं लिया।
क्रांति के समय चार प्रमुख एजेंसियाँ कार्यरत थी-
| क्र. सं | नाम | केन्द्र | अंग्रेज अधिकारी |
|---|---|---|---|
| 1. | मेवाड़ राजपूताना स्टेट एजेंसी | उदयपुर | मेजर शॉवर्स |
| 2. | राजपूताना स्टेट एजेंसी | कोटा | मेजर बर्टन |
| 3. | पश्चिम राजपूताना स्टेट एजेंसी | जोधपुर | मैक मैसन |
| 4. | जयपुर राजपूताना स्टेट एजेंसी |
जयपुर | कर्नल ईडन |
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